Muhurta Vichar मुहूर्त विचार (Hindi) by Madan Mohan Joshi (2005)
Muhurta Vichar मुहूर्त विचार (Hindi) by Madan Mohan Joshi (2005) प्रत्येक प्राणी काल के अधीन है । काल मानव के क्रमिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जन्म से मरण, इहलोक से परलोक तक, यहाँ तक कि उत्थान-पतन सुख-दुख सभी में काल का ही नियन्त्रण है। निमेंष से लेकर कल्पादि पर्यन्त कालमानों की व्यवस्था है । उनमें … Read more